फोनपे पर नाम खोजकर ‘क्राइम ब्रांच’ का डर दिखाते थे साइबर ठग, बस्ती पुलिस ने दो को दबोचा साइबर ठगी के खिलाफ बस्ती पुलिस की कार्रवाई।
बस्ती। साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर क्राइम थाना बस्ती पुलिस ने क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी फोनपे और गूगलपे पर मोबाइल नंबर डालकर संबंधित व्यक्ति का नाम पता करते थे और फिर उसे फोन कर डराने-धमकाने के बाद रकम ऐंठते थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ साइबर अपराध से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आदित्य गुप्ता (28) निवासी दक्षिण दरवाजा, पुरानी बस्ती, बस्ती तथा अजय सिंह चौहान (24) निवासी कंचनपुर, थाना गुजैनी, कानपुर नगर के रूप में हुई है। पूछताछ में साइबर ठगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी पहले फोनपे या गूगलपे पर किसी मोबाइल नंबर को सर्च कर उसका नाम पता करते थे। इसके बाद फोन कर खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते और पीड़ित से कहते कि उसके खिलाफ अश्लील वीडियो देखने के आरोप में 42 पन्नों की सीडीआर मिली है। मुकदमा दर्ज होने और गिरफ्तारी का डर दिखाकर आरोपी कोर्ट या थाने के स्तर पर मामला खत्म कराने के नाम पर रुपये मांगते थे।
पीड़ित द्वारा रकम भेजने के बाद आरोपी दोबारा फोन कर खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताते और मामला हाईलाइट होने का डर दिखाकर अतिरिक्त धनराशि की मांग करते थे। इस तरह कई बार पीड़ित के खाते से बड़ी रकम ठग ली जाती थी।
पूछताछ में आदित्य ने करीब दो वर्षों से साइबर अपराध में सक्रिय होने की बात बताई। उसके पास कई बैंक खाते और सिम थे, जिनका इस्तेमाल ठगी में किया जाता था। वहीं अजय ने एक मामले में 11 हजार रुपये की ठगी स्वीकार की।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 319(2), 318(4), 308(2), 61(2), 317(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66सी, 66डी के तहत कार्रवाई की है।
एसपी बस्ती डॉ. यशवीर सिंह ने लोगों से अपील की कि साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि किसी अनजान व्यक्ति से ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी या अन्य गोपनीय विवरण साझा न करें।
